सतना जिला अस्पताल में उमस और वायरल संक्रमण के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वार्ड क्षमता से अधिक भर चुके हैं, प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तथा मलेरिया का दुर्लभ पीवी पॉजिटिव मरीज मिला।
सतना जिले में वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखा जा रहा है, जिनमें कोविड जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल का पीकू वार्ड ओवरलोड हो गया है—20 बेड वाले वार्ड में 75 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। कई बच्चों का बुखार पैरासिटामॉल से भी नहीं उतर रहा और एंटीबायोटिक डोज देनी पड़ रही है।
सतना जिला अस्पताल में वायरल अटैक और आभा आईडी अनिवार्यता के चलते ओपीडी, पैथोलॉजी और दवा काउंटर पर भारी भीड़ देखने को मिली। मरीजों को गर्मी-उमस में घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ा। बच्चों में वायरल फीवर और भर्ती की स्थिति बढ़ रही है।















